हम दर्दी का अजर Hamdardi ka Azar

Hamdardi ka Azar Humdardi Karna Khuwaja Hasan basri Hazrat Khuwaja Hasan basri auliya
Sakoonedil

 Hamdardi ka Azar

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Humdardi Karna

 Khuwaja Hasan basri

Hazrat Khuwaja Hasan basri

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हम दर्दी का अजर hum dardi ka azar

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रीवायेत है कि एक गरीब और मुफलिस शख्स का घोड़ा ऐबी हो गया उसने हज़रत खुवाजा हसन बसरी से अर्ज किया आपने कीमत दरयाफ्ट करके उसे 400 दीनार मे खरीद लिया रात को उस शख्स ने खुवाब मे देखा कि उसका घोड़ा दूसरे घोड़ो के साथ बहिस्त मे दूसरे घोड़ो के साथ चराह गाह मे चार रहा है



उसने पूछा कि ये किसके घोड़े हैँ बताया गया तेरे थे मगर अब उनका मालिक हसन बसरी हैँ खुवाब से बेदार होने के बाद वोह शख्स हसन बसरी के पास आया और कहा कि मैं कल वाला सौदा मनसूख करता हु आपने फरमाया तेरे खुवाब से मेरे खुदा ने पहले ही आगाह कर दिया है वोह वापिस चला गया...



अगली रात खुवाजा हसन बसरी ने खुवाब मे देखा कि आलिशान महल और दिल फरेब मनजर है पूछा इस महल का मालिक कौन है जवाब मिला जों शख्स इस सौदे को रद करें ये उसका है महल है बेदार होने पर आपने उस आदमी को बुलाया और सौदा रद करदी...

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Sufi muslim

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Thanks for reading: हम दर्दी का अजर Hamdardi ka Azar, Sorry, my Hindi is bad:)

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