हज़रत सय्यद सालार मसूद गाजी Hazrat Syed Salar Masood Ghazi


बिसमिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

हज़रत सय्यद सालार मसूद गाजी Hazrat Syed Salar Masood Ghazi

जीवन परिचय हजरत सैय्यद सालार मसऊद गाज़ी रह०


नामो नसब और माता पिता- आपका नाम हजरत सै० सालार मसऊद गाजी रह० है । आप हजरत शेर-ए-खुदा अली मुर्तुजा करम अल्लाहु तआला वजुल करीम के पुत्र हजरत इमाम मोहम्मद बिन हन्फिया रजी अल्लाह अन्हु की नस्ले पाक से है और शाहू सालार आपके पिता है आपकी माता का नाम सतरे मुअल्ला है जो सुल्तान सुबकतीन की शहजादी और सुल्तान महमूद गजनवी की बहन हैं।


मोहम्मद बिन हन्फिया ने कई शादियां कीं जिनसे बहुत सी औलादे पैदा हुई मगर तमाम बीवियों और औलादों के नामों की तफसील नहीं मिलती है। इब्ने कसीर लिखते हैं। मोहम्मद बिन इन्फिया की अनेक बीवियों से अब्दुल्ला, हमजा ,अली जाफर, अकबर, हसन, इब्राहीम, कासिम, अब्दुर्रहमान, जाफरुल असगर, औन, और रूकईया है।


हजरत मोहम्मद बिन हनफिया , गाजी बिन अली रजी० के और दो पुत्र हजरत अब्दुल मन्नान व हजरत अब्दुल फत्ताह रजी० थे जिनमे से हजरत सै० सालार मसऊद गाजी अलैहिरहमा का सिलसिलाए नसब अब्दुल मन्नान बिन मोहम्मद बिन इन्फिया बिन अली रजी अल्लाहु अन्हु तक पहुंचता है।

बेहराइच Gazi sarkar


सिलसिला - ए- नसब


सुल्तानुश्शोहदा सैय्यद सालार मसऊद गाजी रह० बिन हजरत सालार साहू बिन हजरत अताउल्लाह बिन हजरत ताहिर गाजी बिन हजरत तैयब गाजी बिन हजरत मोहम्मद गाजी बिन हजरत उमर गाजी बिन हजरत आसिफ गाजी बिन हरजत बत्ताल गाजी बिन, हजरत अब्दुल मन्ना गाजी बिन हजरत इमाम मोहम्मद बिन हन्फिया गाजी बिन अमीररूल मोमिनीन हजरत अली शेरे खुदा रजी० । इब्ने कसीर के ऊपर लिखे गये नामों में अब्दुल मन्नान का जिकर नहीं मगर मोहम्मद बिन हन्फिया की सन्तानों की संख्या 24 थी, जिनमें से 14 और दूसरों के मुताबिक 18 पुत्र थे। उमद तुत्तालिब कथनानुसार हजरत मोहम्मद बिन हन्फिया की कुछ सन्तानें अरब के बाहर भी जा बसी (1) हमारे विचार से यह एक अहमद बयान है, क्योंकि यह एक एतिहासिक घटना है कि महमूदी दरबार के अल्वी भी गैर अरब देश से आये थे (2) मुमकिन है उन्हीं में अब्दुल मन्नान और अब्दुल फत्ताह भी हों जिनका जिकर सैर व इतिहास के लेखकों ने बाद में आकर बसने की वजह से छोड़ दिया हो (3) मोलवी अब्दुल्ला खां अल्वी लेखक इतिहास कटरा मानकपुर (4) पेज नं0 61 पर लिखते हैं। कि हजरत जाफरुल अकबर इब्ने मोहम्मद बिन हन्फिया को अब्दुल मन्नान भी कहते थे।

हज़रत सय्यद सालार मसूद गाजी की पैदाइश hazrat shayyad salar Masood gazi Ki Paidaish


हजरत सिय्यद सालार मसूद गाजी रहमतुल्ला अलैह की पैदाइश 21 रजाबुलमुर्जिब 405हिजरी, मुताबिक 15फरवरी 1015दिन इतवार सुबह सवेरे अजमेर शरीफ मे हज़रत खुवाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाहअलै की तसरीफ आवरी से 181 साल पहले हुई_ उसवक़्त उनके वालिद हज़रत सालार साहू अलैहिर्राह्मा मेहमूद गजनवी की तरफ से अजमेर शरीफ के गवर्नर थे- आप गाजी सरकार पैदाइश ही से बहुत खूबसूरत थे हुस्ने यूसुफ पाया था आपने नूरे मोहम्मदी के अनवार चहरे से अयां थे और चेहरा आफताब की तरह रोशन था चहरे से विलायत के आसार नामुदार थे,

हज़रत साहू सालार ने फर्जन्दमसूद की विलादत की ख़ुशी मे तीन रोज जश्न मनाया तमाम बाजार और अजमेर शहर को रश्के खुल्द बना दिया फुकरा वा मुहताज को जरो जवाहरात इनायत फरमाया और अफसरान फ़ौज को भी खलअत फाखरा से नवाजा

Thanks for reading: हज़रत सय्यद सालार मसूद गाजी Hazrat Syed Salar Masood Ghazi, Sorry, my Hindi is bad:)

Cookie Consent
We serve cookies on this site to analyze traffic, remember your preferences, and optimize your experience.
Oops!
It seems there is something wrong with your internet connection. Please connect to the internet and start browsing again.
AdBlock Detected!
We have detected that you are using adblocking plugin in your browser.
The revenue we earn by the advertisements is used to manage this website, we request you to whitelist our website in your adblocking plugin.
Site is Blocked
Sorry! This site is not available in your country.