ईमान जरिया बख्शशिश बना सुफी इस्लाम Iman jariya bakhshish bana sufi islam

Iman jariya bakhshish bana Hazrat malik bin dinar Waqya janaza padhane ka Allah ke wali Janaze ki namaz padhna ईमान जरिया बख्शशिश बना सुफी इस्लाम
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मालिक बिन दीनार फरमाते हैँ कि मैंने बसरा मे कुछ लोग देखे जों जनाजा लिये जा रहे थे सिवाये हमलीन जनाजा के और कोई शख्स जनाजा के हमराह ना था मैंने उन लोगों से इसकी वजा दरयाफ्ट की तो कहने लगे कि ये शख्स बहुत बड़ा गुनेहगार था मालिक बिन दीनार कहते हैँ कि मैंने उसकी नमाजे जनाजा अदा की और कबर मे उतारा और वहाँ से आगे एक ज़घा साया मे लेट गया खुवाब मे किया देखता हू कि दो फरिश्ते आसमान से नाजिल हुऐ और उसकी कबर शक की और एक उनमेसे कबर के अंदर दाखिल हुआ और अपने साथी से कहने लगा कि इसको एहले नार(जहन्नम नर्क )मे लिख लीजिये कियोकि इसका कोई अजु गुनाह से मेहफ़ूज़ नहीं...



उस साथी ने कहा भाई जल्दी ना करो उसकी आँखों को देखो कहा मैंने खूब देखा वोह नज़रे बद और हराम से पुर हैँ कहा कानो को देख और आजमा कहा वोह भी फवाहिश वा मुनकरात के इस्तेमा से पुर हैँ कहा उसकी जुबान पर गौर कर कहा वोह भी इरतेकाबे महेरमात से पुर हैँ कहा उसकी हाथों को देख कहा वोह भी तनावले हराम और सेहवात से पुर हैँ कहा उसके पओं को देख कहा वोह भी मैंने देखे कि अमूर मजमुमा से और नापाक ज़घा की तरफ दौड़ने से पुर हैँ...




फिर कहा अये भाई जल्दी ना कर अब मुझे उतरने दे चुनानचे दूसरा फरिश्ता उतरा और एक शाअत उसके पास रहा फिर कहा अये भाई मैंने इसका कलब देखा कि ईमान से पुर है लिखदे कि ये मरहूम वा सईद है कियोकि हक ताला का फजल उसकी खता और गुनाहों को धो देगा और ये शेयर पढ़े (tarjuma) जब लोगों ne बन्दा को मेरी इबादत से दूर रहते देखा तो हुकुम लगा दिया कि मैं अपनी रेहमत से उसे ना बख्शऊंगा हिल्म मेरा बहुत बड़ा है और मखलूक पर हिल्म का दरवाजा तंग नहीं मेरे एहकाम और मर्जीयात को कौन पूरा कर सकता है....



ये कैफियत उस शख्स को इनायत खुदा वंदी से हासिल होती है इसपर गृह ना करें कियोकि सब गुनेहगारों को ये बात हासिल नहीं है गुनेहगार इस खतरा से बिलकुल मेहफूज नहीं हैँ कि मशीयाते एजदी से किया हाल दर पेश हो बल्कि हर एक सोलेह और नेक आदमी को भी ये अनदेसा है कि उसका खात्मा कैसा हो हम खुदा ताला से हुस्ने खात्मा और दुनिया वा आख़िरत की आफियत वा मगफिरत के लिये दुआ करते रहें वोह हमारे और हमारे अहबाब और जुमला मुसलमान भाइयो के लिये दींने सलामत रखे...



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Thanks for reading: ईमान जरिया बख्शशिश बना सुफी इस्लाम Iman jariya bakhshish bana sufi islam, Sorry, my Hindi is bad:)

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