हजरत अबु सईद इलाने क़त्ल हिंदी स्टोरीज

हजरत अबु सईद इलाने क़त्ल Hindi Stories
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 हजरत अबु सईद इलाने क़त्ल 

हजरत अबु सईद इलाने क़त्ल


हजरत शैख़ अबु सईद की मजलिस तकरीर जिक्र और शायरी से भरी होती थी उनमे इस कदर तासीर होती कि लोग झूम जाते थे एक रोज आप खानकाह मे तकरीर फरमा रहे थे कि अबु अब्दुल्लाह कराम के साथियों मेसे एक मुहतसिब निसार पुर मे रहता था वोह हजरत अबु सईद अबु अल खैर के मुख़ालिफ़ था वोह धोबी को कपडे देने गया तो आपको तकरीर करते देख कर दिल मे कहा वापस आकर इनसे निपट लूंगा धोबी के पास पहुंच कर उसने उसे चांदी का एक दिरहम दिया धोबी ने कहा साबुन और खाद का खर्चा तो देते जाओ मुहतसिब ने उसे कुछ दुर्रे मारे और वापिस लौट आया और खानकाह के अंदर जाकर तंज लहजे मे बोला कि ये दोगलापन और मकरो फरेब कब तक जारी रहेगा शैख़ अबु सईद ने फरमाया कि फिर किया करना चाहिये? ये मजलिस और शायरी बंद होना चाहिये मुहतसिब ने उसी लब वा लहजे मे कहा, ऐसा ही करूँगा मगर तुमको भी तो सुबह सुबह ऐसा नहीं करना चाहिये कि धोबी को कपडे धोने के लिये एक दिरहम दिया और दुर्रे मारे वोह चिल्लाने लगा और तुम्हें रहम तक नहीं आया अगर तुम्हें कपडे धुलवाने होतो मेरे ख़ादिम हसन को दे दिया करो ताकि हर कोई मुसलमान तेरे आजार से मेहफूज रहे और तू गुनाह से, मुहतसिब ने सुना तो बहुत शर्मिंदा हुआ और शैख़ के क़दमों पर गिर पड़ा,,,



काजी सैफी सरखुस के काजी अल कजात और आलमे दीन थे मगर बुजुर्गाने दीन और सुफिया को नहीं मानते थे कई बर लोगों को तैयार किया कि हजरत शैख़ अबु सईद को क़त्ल कर दिया जाये मगर कोई ना माना आखिर मे एक शख्स तैयार हो गया आप तकरीर फरमा रहे थे दूसरे तरफ मस्जिद और बाजारों मे ऐलान किया जा रहा था कि फला जघा काजी सैफी खताब करेंगे आपने सुना तो मुरीदेन से फरमाया वुजू करलो आज काजी सैफी की नमाजे जनाजा पढ़ने जाना है लोग हैरान थे कि काजी जिन्दा सलामत हैँ उधर काजी खुतबे की तैयारी के सिलसिले मे ग़ुस्ल के लिये हमाम मे गया उससे कुछ दीन पहले एक शख्स जेल से रिहा होकर आया था जिसे काजी सैफी ने इस बिना पर जेल मे डाल दिया था कि उसने तलाक की कसम खाई थी औरत जुदा हो गई थी और उसे महर और दूसरे खर्चे बर्दास्त करने पड़े और कैद खाना मे रहना पड़ा उसने लोहार से हथियार ख़रीदा और गाँव की तरफ चल पड़ा काजी को अकेला देखा तो बदले की आग भड़क उठी खंजर मारकर उसका पेट फाड़ दिया शहर मे सोर मच गया, हजरत ने फरमाया कि काजी ने हमारे क़त्ल का हुक्म दिया था वोह हमारा किया होता था हमने उसके क़त्ल का ऐलान किया वोह खुदा का किया होता है,

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Thanks for reading: हजरत अबु सईद इलाने क़त्ल हिंदी स्टोरीज, Sorry, my Hindi is bad:)

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